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संपत्ति के लिए नंदोई से गांड मरवा ली


antarvasna, hindi sex stories मेरे पति और मेरे बीच में रिश्ता कुछ ठीक नहीं चल रहा था लेकिन मुझे यह डर था कि कहीं वह सारी संपत्ति किसी और के नाम ना कर दे, मैंने इसलिए इस काम के लिए संजय को जासूसी पर रख दिया, संजय मेरे पति की जासूसी करने लगा वह हर खबर मुझ तक पहुंचाया करता था। एक दिन संजय ने मुझे बताया कि आपके पति, संपत्ति का आधा हिस्सा अपनी बहन के नाम करने वाले हैं और आपको आधा हिस्सा वह दे देंगे, मैंने सोचा यदि वह अपनी बहन के नाम संपत्ति कर देंगे तो उसमें से मुझे कुछ भी नहीं मिलने वाला उनकी बहन का व्यवहार मेरे लिए पहले से ही कुछ ठीक नहीं था, मेरे पति बड़े ही सीधे और सज्जन व्यक्ति हैं लेकिन उन पर जैसे उनकी बहन ने जादू कर दिया और वह उसकी कोई भी बात को टालते नही है वह उन लोगों के लिए बहुत कुछ करते हैं लेकिन उनकी बहन उनकी उतनी इज्जत नहीं करती हालांकि मेरे पति और मेरे बीच अब पहले जैसी बात चीत नहीं रही हम दोनों के बीच झगड़े भी होते हैं लेकिन उसके बावजूद भी मैं अपने पति की बहुत ही इज्जत करती हूं क्योंकि वह बड़े ही नेक इंसान हैं।

मैं यह कभी भी नहीं होने देना चाहती थी कि संपत्ति का आधा हिस्सा उनकी बहन के नाम हो जाए, मैंने इस बारे में उनसे बात करने की सोची लेकिन कभी कोई सही मौका नहीं मिल पा रहा था, जब से उनकी बहन को यह बात पता चली थी तब से वह हमारे घर पर डोरे डाल कर बैठी हुई थी मेरे ससुर ने मेरे पति के नाम पर काफी जाइजात की हुई थी मैं उसमें से कुछ भी उसके नाम नहीं होने देना चाहती थी क्योंकि वह मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं है, मैंने इसके लिए अपने पति से बात की, मुझे जब मौका मिला तो मैंने उनसे कहा देखिए आपको मेरे नाम पर कुछ नहीं करना तो कोई बात नहीं लेकिन आप अपनी बहन के नाम पर संपत्ति मत कीजिए वह बिल्कुल भी सही महिला नही हैं। मेरे पति तो मुझ पर जैसे विश्वास ही नहीं करते थे उनकी बहन ने तो उनकी आंखों पर पर्दा डाला हुआ था, वह मुझे कहने लगे तुम मुझे अब यह सब मत सिखाओ मुझे पता है कि तुम कितनी लालची हो, मैंने उसके बाद उनसे कुछ भी नहीं कहा मैंने संजय को फोन किया और संजय को घर पर बुला लिया, संजय जब घर पर आया तो मैंने उनसे कहा कि आप मुझे कोई ऐसा रास्ता बताइए जिससे कि मेरी ननद के नाम पर कोई भी प्रॉपर्टी ना हो, वह मुझे कहने लगे आपको मुझे कुछ और समय देना पड़ेगा मैं आपकी ननद की भी जासूसी करता हूं यदि मुझे ऐसी कोई बात पता चली तो मैं आपको इस बारे में बता दूंगा।

मैंने संजय को उसकी फीस दे दी, मैंने संजय से कहा कि आपको यह काम जल्दी ही करना है, वह कहने लगे संगीता जी आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए आपको तो पता ही है कि मैंने अंदर की बात भी आपके पति से निकलवा ली, आपके पति तो एक दिन वकील के पास बैठे हुए थे और वह कह रहे थे कि आज ही आधी जायदात मैं अपनी पत्नी के नाम करना चाहता हूं और आधी अपनी बहन के नाम करना चाहता हूं, यदि मैं यह बात आप तक पहुंचा सकता हूं तो मैं आप तक और भी बातें पहुंचा सकता हूं, मैंने कहा लेकिन आप को यह काम जल्दी ही करना है, वह कहने लगे आप चिंता ना करें मैं आपका काम जल्दी ही कर दूंगा। मैंने संजय को वापस काम पर लगा दिया लेकिन हमें कोई भी ऐसी ऐसा सुराग नहीं मिल पा रहा था जिससे कि मैं अपने पति को अपनी ननद के बारे में कुछ बता पाती, मैंने कुछ दिनों बाद संजय को फोन किया और कहा कि क्या आपको मेरी ननद के बारे में कोई जानकारी मिली? वह कहने लगे उनके बारे में मुझे ऐसी कोई भी जानकारी नहीं मिली। मैंने उन्हें कहा संजय आपको जल्दी से यह काम करना है नहीं तो मेरे पति उनके नाम पर आधी जायदात कर देंगे और मैं यह बिल्कुल भी नहीं चाहती की जायदात का आधा हिस्सा उन्हें मिले, मैं बहुत ही ज्यादा गुस्से में हो गई और मैंने फोन काट दिया काफी दिनों तक संजय का फोन नहीं आया और ना ही मुझे ऐसा कोई सुराग मिल रहा था कि जिससे मैं उनकी बहन के नाम पर संपत्ति होने से रोक संकू, मुझे कुछ भी समझ नहीं आया तो मैं कुछ दिनों के लिए अपने मायके चली गई मैं जब अपने मायके गई तो मेरी मम्मी कहने लगी कि बेटा तुम काफी समय बाद घर आई हो, मैंने उन्हें कहा मम्मी बस आपको मैं क्या बताऊं मेरे पति का तो दिमाग ही फिर चुका है वह अपनी बहन के नाम आधी संपत्ति करने जा रहे हैं, मेरी मम्मी कहने लगी लगता है मुझे ही तुम्हारे पति से बात करनी पड़ेगी।

मैंने अपनी मम्मी से कहा आप इस बारे में बात मत कीजिए नहीं तो वह और भी ज्यादा गुस्सा हो जाएंगे, मैं अपने दिमाग पर जोर डालकर सोचने लगी कि मुझे ऐसा क्या करना चाहिए जिससे कि मैं अपने पति को रोक पाऊं लेकिन मुझे ऐसा कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। कुछ दिनों बाद संजय का फोन मुझे आया वह कहने लगा मैडम मुझे आपको एक बहुत जरूरी जानकारी देनी है। मैंने संजय से कहा जल्दी से मुझे बताओ क्या जानकारी है। वह कहने लगा मुझे आपकी ननंद के पति के बारे में कुछ जानकारी मिली है वह एक नंबर का लड़की बाज हैं वह हमेशा ही नई नई लड़कियों को अपने पास बुलाते हैं। मैंने संजय से कहा ठीक है अब तुम फोन रख दो मेरी समझ में आ चुका था मुझे क्या करना है। मैं अपने नंदोई पर डोरे डालने लगी मैंने उन पर इतने डोरे डाले कि वह भी मुझ पर लट्टू हो गए। एक दिन वह समय आ गया जब मैं अपनी इच्छाऐ उनसे पूरी करवाना चाहती थी और मैं सारी संपत्ति की मालकिन भी खुद ही बनना चाहती थी। मैंने उन्हें अपनी मम्मी के घर बुला लिया मेरी मम्मी अकेली ही रहती है, उस दिन वह कहीं गई हुई थी। जब वह घर पर आए तो मैंने उन्हें पूछा आप कुछ लेंगे।

वह कहने लगे नहीं मैं तो बस आपसे मिलने आया था मैंने उन्हें अपने बदन को दिखाना शुरू किया। मेरे ब्लाउज से जब वह मेरे स्तनों को देख रहे थे तो उनकी बेचैनी बढ़ने लगी थी। वह मेरे पास आकर बैठ गए वह मेरे स्तनों को दबाने लगे जब वह मेरे स्तनों को दबा रहे थे तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस हो रहा था। मैंने उन्हें कहा आप तो बड़े ही लड़की बाज है मैंने सुना है आपने कई लड़कियों की सील तोडी है। वह कहने लगे आपने बिल्कुल सही सुना है मैंने उन्हें कहा जरा आप अपना लंड तो मुझे दिखाइए। उन्होंने अपने 10 इंच मोटे लंड को बाहर निकाला तो मैं उसे देखकर दंग रह गई, मैंने आज तक अपने जीवन में इतना बड़ा लंड नहीं देखा था। मैंने उसे अपने हाथों से हिलाना शुरू किया वह पूरे जोश में आने लगे थे। जब मैंने उनके लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू किया तो उन्हें जैसे मजा आने लगा था। हम दोनों के अंदर गर्मी बढ़ने लगी थी वह मुझे कहने लगे मुझे भी आपके बदन की खुशबू को महसूस करना है। मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिया और उनके सामने नंगी लेट गई। उन्होंने मेरे बदन को देखा तो उन्होंने तुरंत ही मेरी चूत के अंदर अपने लंड घुसा दिया। जब उनका लंड मेरी चूत में घुसा तो मेरी चूत में इतना दर्द हुआ कि मैंने कभी कल्पना नहीं की थी। मै डर गई इतने मोटे लंड को मैं ले पाऊंगी उनके घोड़े जैसे लंड को मे चूत में ले रही थी तो मुझे बहुत तकलीफ हो रही थी लेकिन बहुत अच्छा भी लग रहा था। जब उनका वीर्य गिर गया तो वह मुझे कहने लगे आपके बदन में तो एक अलग ही बात है ऐसा तो मैंने आज तक किसी लड़की के बदन में भी नहीं देखा। उन्होंने मेरे सामने मेरी गांड मारने की इच्छा रख दी। मैंने भी उनसे अपनी गांड मरवाई लेकिन वह पूरी तरीके से मुझ पर फिदा हो चुके थे। मेरे पति ने आधी संपति मेरे नाम करवा दी लेकिन फिर भी पूरी संपत्ति पर मेरा ही अधिकार था क्योंकि मैं अपने नंनद के पति से कहकर अपने नाम आधी संपति करवाना चाहती थी और मैंने उसकी पूरी तैयारी कर ली थी क्योंकि वह अपने पति से बहुत डरती है और उसका पति मुझ पर पूरी तरीके से फिदा था और वह तो मेरी चूत और मेरी गांड के पीछे इतने ज्यादा पागल है कि उन्होंने अब लड़कियों को बुलाना भी बंद कर दिया था वह तो सिर्फ मुझे ही चोदने के लिए आतुर रहते थे।


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